धमकी भरा पत्र भेजना पड़ा महंगा, कोर्ट ने दो आरोपियों को सुनाई एक-एक साल की सजा

धमकी भरा पत्र भेजना पड़ा महंगा, कोर्ट ने दो आरोपियों को सुनाई एक-एक साल की सजा
आरोपी सतबीर सिंह उर्फ सोनू

दुर्ग। शहर के कारोबारी एवं सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू को धमकी भरा पत्र भेजने के चर्चित मामले में दुर्ग न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 500-500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार, 3 जनवरी को हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के हथखोज स्थित कार्यालय में डाक के माध्यम से एक सफेद लिफाफा पहुंचा था। लिफाफे में भेजे गए पत्र में कारोबारी इंद्रजीत सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र में लिखा गया था कि उनकी दुश्मनी के कारण रायपुर से दुर्ग तक लोगों को लगाया गया है और उन्हें खत्म करने की योजना बनाई गई है।

धमकी भरा पत्र मिलने के बाद इंद्रजीत सिंह ने तत्काल भिलाई-3 थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पता चला कि यह पत्र सेक्टर-2 डाकघर से भेजा गया था। जांच के बाद पुलिस ने राजेश कुमार गुप्ता और सतबीर सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ चालान पेश किया।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों के प्रथम अपराध होने का हवाला देते हुए नरमी बरतने और केवल जुर्माने की सजा देने की मांग की। वहीं अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दंड की पैरवी की।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि धमकी देकर भय का माहौल बनाना गंभीर अपराध है। अदालत ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए कुल एक वर्ष के साधारण कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा का वारंट जारी होने के बाद दोनों दोषियों को केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा जाएगा।