सब तकदीर और तदबीर का खेल है-संत श्री माता जी निकुम

तीर्थराज देवी निकुंभला राजलक्ष्मी मंदिर जय शक्ति आश्रम ग्राम निकुम में वीरभद्र महायज्ञ आयोजन का चौथा दिन, देखें VIDEO

दुर्ग। सब तकदीर और तदबीर का खेल है, इसके आगे कुछ नहीं। मनुष्य जैसे कर्म करेगा, उसका फल भी वैसा मिलेगा। उक्त बातें तीर्थराज देवी निकुंभला राजलक्ष्मी मंदिर जय शक्ति आश्रम निकुम के संस्थापक संत श्री माता जी ने कही।

वीरभद्र महायज्ञ का वृहद आयोजन तीर्थराज देवी निकुंभला राजलक्ष्मी मंदिर जय शक्ति आश्रम निकुम जिला दुर्ग में किया जा रहा है। 2 अप्रैल बुधवार को आयोजन का चौथा दिन था। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ स्थित तीर्थराज देवी निकुंभला राजलक्ष्मी मंदिर जय शक्ति आश्रम ग्राम निकुम में वीरभद्र महायज्ञ आयोजन वृहद स्तर पर किया जा रहा है। वीरभद्र महायज्ञ महायज्ञ में शामिल होने सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन आश्रम पहुंच रहे है। संत श्री माता जी के निर्देशन में भक्तों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक सैकड़ों मंत्र जाप के साथ हवन कुंड में पूर्णाहुति दी।

महायज्ञ समाप्ति के पश्चात संत श्री माता जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि अच्छा या बुरा सब समय की परिस्थित पर निर्भर करता है। वीरभद्र क्या है? सिर्फ तलवार चलाने से ही नहीं होता, शब्दों से भी होता है, आंखों से भी होता है। चुनाव 2024 का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतना बलशाली होते हुए भी कैसे हार गए। सब तकदीर और तदबीर का खेल है। तकदीर का मतलब है किस्मत या पूर्वनियति, वहीं तदबीर का मतलब है कि मेहनत और प्रयास. तकदीर को ईश्वर का फैसला माना जाता है, वहीं तदबीर को इंसान की कोशिश और योजना माना जाता है. परिस्थित के अनुसार अच्छाई और बुराई होता है। जैसे पानी का अलग-अलग जगह महत्व होता है।