रसमड़ा स्टील प्लांट हादसा: जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार पर FIR

इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान पिघला मेटल बाहर आने से 42 वर्षीय श्रमिक गंभीर रूप से झुलसा, इलाज के दौरान मौत

रसमड़ा स्टील प्लांट हादसा: जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार पर FIR

दुर्ग। जिले के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हादसा 17 अक्टूबर 2026 को इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल कार्य के दौरान हुआ था। इस दौरान पिघला हुआ मेटल अधिक मात्रा में बाहर आ गया, जिसकी चपेट में आने से वहां काम कर रहे 42 वर्षीय श्रमिक संतोष श्रीवास्तव गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

फर्नेस के ट्रायल के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दुर्ग जिले के चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र के अंतर्गत रसमड़ा स्थित स्टील प्लांट की है। 17 अक्टूबर को प्लांट में इंडक्शन फर्नेस का ट्रायल किया जा रहा था। इसी दौरान पिघला हुआ मेटल अधिक मात्रा में बाहर निकल आया और वहां कार्यरत संतोष श्रीवास्तव इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रारंभिक जांच में लापरवाही का पहलू

घटना के बाद पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच में प्लांट संचालन के दौरान उपेक्षापूर्ण आचरण और उससे हुई मृत्यु के संबंध में प्लांट संचालक तथा ठेकेदार की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने इसी आधार पर जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 और 106(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

पुलिस ने शुरू की विवेचना

पुलिस के अनुसार, मामले को विवेचना में लेकर घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य हादसे की परिस्थितियों, संभावित लापरवाही और श्रमिक की मौत के लिए जिम्मेदारी निर्धारित करना है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले में साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रसमड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और फर्नेस जैसे जोखिमपूर्ण उपकरणों के संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण पुलिस की विवेचना के बाद ही हो सकेगा।