महापौर अलका बाघमार का वार्ड 57 और 58 में सघन निरीक्षण, सफाई और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

महापौर अलका बाघमार का वार्ड 57 और 58 में सघन निरीक्षण, सफाई और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने मंगलवार को वार्ड क्रमांक 57 और 58 का सघन निरीक्षण कर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, जल निकासी, नाला-नाली निर्माण और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने तथा अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। महापौर ने लोककर्म प्रभारी देव नारायण चंद्राकर, वित्त विभाग प्रभारी नरेंद्र बंजारे, पार्षद रेशमा सोनकर और पार्षद सरस निर्मलकर के साथ करीब दो घंटे तक क्षेत्र का भ्रमण किया। निरीक्षण की शुरुआत वार्ड 57 स्थित श्रीराम मैरिज पैलेस क्षेत्र से हुई, जहां उन्होंने गलियों और मोहल्लों में पहुंचकर नालियों की स्थिति का अवलोकन किया।

वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए महापौर ने अधिकारियों को नाला-नालियों की नियमित सफाई और आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर नाली निर्माण और नाला सफाई की आवश्यकता पाई गई, वहां तत्काल कार्ययोजना बनाकर काम शुरू करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान नाला निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर महापौर ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। महापौर अलका बाघमार ने क्षेत्र के नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। सड़क, नाली, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसके बाद वार्ड 58 में पहुंचकर उन्होंने जल निकासी व्यवस्था और सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को वर्षा पूर्व सभी नालियों और नालों को दुरुस्त करने तथा आवश्यक क्षेत्रों में नए निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सड़क सीमा क्षेत्र में नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं दामादपारा, बजरंग नगर और उरला तालाब किनारे किए गए अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। महापौर ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम प्रशासन की प्राथमिकता है और नियमित निरीक्षण के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी की जा रही है ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।