कुम्हारी खारून ब्रिज पर 1 से 15 अप्रैल तक डायवर्सन: भारी, मध्यम और छोटे वाहनों के लिए अलग रूट तय

दुर्ग। कुम्हारी स्थित खारून नदी ब्रिज के मरम्मत कार्य को लेकर 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इस दौरान ब्रिज पर डायवर्सन लागू रहेगा, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन ने विस्तृत रूट प्लान जारी किया है।

पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6 भिलाई में आयोजित बैठक में इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया। बैठक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई, जिसमें पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बीएसपी और निर्माण एजेंसी के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में सभी संभावित डायवर्सन मार्गों का निरीक्षण कर यातायात दबाव, सड़कों की स्थिति और जाम की संभावनाओं का आकलन किया गया। इसके बाद भारी, मध्यम और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि यातायात सुचारू बना रहे।

मुख्य डायवर्सन रूट इस प्रकार हैं:
▪️ राजनांदगांव से आने वाले भारी वाहन:
अंजोरा बाईपास – पुलगांव चौक – अंडा – रिसामा – गाड़ाडीह – मर्रा – जामगांव एम – मोतीपुर – अमलेश्वर – रायपुर
▪️ सिरसा गेट चौक से मध्यम एवं छोटे वाहन:
सिरसा गेट – अंडर ब्रिज – सिरसा कला – औरी – अमलीडी – मोतीपुर – अमलेश्वर – रायपुर
▪️ बालोद से आने वाले भारी वाहन:
अंडा – रिसामा – गाड़ाडीह – मर्रा – जामगांव एम – मोतीपुर – अमलेश्वर – रायपुर
▪️ ट्रांसपोर्ट नगर से रायपुर जाने वाले भारी वाहन:
अहिरवारा मोड़ – कुम्हारी – मुरमुंडा चौक – कोचेबंद – मलपुरी कला – भालेसार – कंडरका चौक – पथरीडी – उरला – बिरगांव – रायपुर
▪️ बीएसपी प्लांट से रायपुर जाने वाले वाहन:
उतई – सेलुद – फूंडा – मोतीपुर मार्ग
प्रशासन की तैयारी:
मरम्मत कार्य के दौरान सभी डायवर्सन प्वाइंट पर संकेतक बोर्ड और रूट मैप लगाए जाएंगे। 24 घंटे वालेंटियर तैनात रहेंगे, वहीं प्रमुख स्थानों पर क्रेन भी उपलब्ध रहेगी ताकि खराब वाहनों को तुरंत हटाया जा सके। यातायात पुलिस अतिरिक्त बल के साथ निगरानी करेगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि इस अवधि में कुम्हारी ब्रिज मार्ग का उपयोग करने से बचें और केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही पालन करें। इससे न केवल आपकी यात्रा आसान होगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी।
