2 जंगली सुअर के अवैध शिकार में लिप्त 10 आरोपियों को जेल

2 जंगली सुअर के अवैध शिकार में लिप्त 10 आरोपियों को जेल

रायगढ़। वनमंडल धरमयगढ़ के वन परिक्षेत्र धरमजयगढ़ के कोयलार परिसर के राजा जंगल में 2 जंगली सुअर के अवैध शिकार में लिप्त 10 आरोपीगणों का जमानत याचिका न्यायालय प्रथम श्रेणी धरमजयगढ़ एवं जिला एवं अति सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा, जिला रायगढ़ द्वारा खारिज कर दिया गया है।  

वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ के अनुसार 24 मार्च 2025 को दोपहर 12.30 बजे सूचना मिला कि जंगली सुअर के शिकार के लिये वन परिक्षेत्र धरमजयगढ़ अंतर्गत कोयलार परिसर के राजा जंगल में कुछ ग्रामीणों द्वारा क्लच तार का अवैध शिकार के लिये फंदा फैलाया गया है। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के मैदानी कर्मचारी एवं अधिकारी तत्काल मौका स्थल हेतु रवाना हुये। मौका स्थल का मुआयना करने पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को भागते हुये पकड़ा गया। पकड़ कर दोनो से गहन पूछताछ किया गया। जिसमें उनके द्वारा इस अवैध शिकार के लिये बनाये गये योजना के बारे में बताया गया एवं उन्होने अपना जुर्म कबुला। आस.पास के वन क्षेत्रों का मुआयना करने पर आरोपियों द्वारा पानी से भरे गड्ढे के पास सूखें पत्तो से छिपाये गये 02 नग मृत जंगली सुअर 01 नर, 01 मादा का शव के साथ भारी मात्रा मे जंगली सुअर के लिये तार फंदा, टांगी आदि बरामद किया गया। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि इस घटना में 10 ग्रामीण शामिल है। सभी ने पहले मिलकर योजना बनाईए फिर तार फंदा लगाया।

इन्ही में से कुछ लोगो के द्वारा जंगली सुअर का खेदा (दौड़ाते हुये) करते हुये तार फंदा तक लाये। जिसमें दो जंगली सुअर फंसा, फिर 03 लोगों के द्वारा टांगी से वारकर सुअर को जान से मारा गया। उसके बाद आग जलाकर जंगली सुअर के शव को भुना गया। भुनने के बाद वन कर्मचारियों की भनक लगते ही गड्ढा के पास सुखे पत्तों से शव को छिपा दिया गया। शाम को दो और आरोपियों को कोयलार गांव से पकड़ा गया। इनसे भी पूछताछ करने पर अपना जुर्म कबुला। इस प्रकरण में अभी 06 और आरोपी फरार है, जिनको पकडऩे की कार्यवाही जारी है। तत्पश्चात अवैध शिकार के संबंध में वनअपराध प्रकरण कमांक 14064/16 दिनांक 24 मार्च 2025 जारी कर विवेचना में लिया गया तथा मृत जंगली सुअर का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। 25 मार्च 2025 को 04 आरोपियों को न्यायालय प्रथम श्रेणी धरमजयगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अपराध की प्रकृति एवं गंभीरता को देखते हुये चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड दिया गया। तत्पश्चात चारों आरोपी को वनपरिक्षेत्र धरमजयगढ़ के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा जिला जेल रायगढ़ दाखिला कराया गया था। उक्त प्रकरण में जुड़े 06 अन्य फरार आरोपियों को दिनांक 26 मार्च 2025 को पूछताछ हेतु वन कर्मचारियों द्वारा पकड़ा गया और उनके द्वारा भी 02 नग जंगली सुअर का अवैध तार फांदा लगाकर मारने का जूर्म कबूला।

उनके द्वारा बताया गया कि 04 एवं 06 माह पूर्व में भी जप्त फांदा से ही 02 नग जंगली सुअर का शिकार कर मारकर खाये थे। दिनांक 27 मार्च 2025 को सभी 06 आरोपियों का बयान लेकर विधिवत् न्यायालय प्रथम श्रेणी धरमजयगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया एवं न्यायालय द्वारा 06 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड दिया गया। तत्पश्चात सभी 06 आरोपियों को वनपरिक्षेत्र धरमजयगढ़ के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा न्यायालय के आदेशानुसार जिला जेल रायगढ़ दाखिला कराया गया था। उक्त 10 आरोपीगणों का न्यायालय प्रथम श्रेणी धरमजयगढ़ के समक्ष जमानत याचिका प्रस्तुत किया गया था, जिसे दिनांक 01 अप्रैल 2025 को न्यायालय द्वारा जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। इसी प्रकार फिर से 10 आरोपीगणों द्वारा =जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा, जिला रायगढ़ के समक्ष भी जमानत याचिका लगाया गया था। जिसे दिनांक 4 अप्रैल 2025 को प्रकरण की परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुये जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा, जिला रायगढ़ द्वारा भी जमानत याचिका खारिज कर दिया गया। प्रकरण में अग्रिम कार्यवाहा जारी है।