चंद्रनगर में पेट्रोल पंप निर्माण पर रोक, भारी विरोध के बाद तहसीलदार ने जारी किया स्थगन आदेश

दुर्ग। चंद्रनगर कोहका में पेट्रोल पंप निर्माण को लेकर उठे भारी विरोध के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्थगन आदेश जारी कर दिया है। तहसीलदार द्वारा जारी आदेश के अनुसार मामले की अगली पेशी 9 फरवरी को निर्धारित की गई है। विदित हो कि चंद्रनगर कोहका स्थित अग्रसेन आईटीआई के सामने कॉलोनीवासियों को यह कहकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था कि यहां कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है। इसी दौरान चारों ओर मिट्टी के बड़े-बड़े टिले खड़े कर दिए गए और 20 फीट चौड़ी सड़क को अतिक्रमण कर संकरी कर दिया गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क सकरी होने से गिरने और घायल होने की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया।

बाद में जांच करने पर कॉलोनीवासियों को पता चला कि उक्त स्थल पर कॉम्पलेक्स नहीं बल्कि पेट्रोल पंप का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि पेट्रोल पंप के लिए नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है। सरकारी मापदंडों के अनुसार पेट्रोल पंप के 30 मीटर के दायरे में शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्र नहीं होना चाहिए, जबकि यहां छोटे बच्चों का स्कूल, आईटीआई सहित अन्य शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं और आसपास घनी आबादी वाली कॉलोनी है। कॉलोनीवासियों का यह भी आरोप है कि सड़क की जमीन पर करीब तीन फीट अतिक्रमण कर पेट्रोल पंप की टंकी अवैध रूप से स्थापित कर दी गई है। इसके कारण कॉलोनी में एक वाहन के प्रवेश पर दूसरे वाहन को पीछे हटना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

इस मामले को लेकर कॉलोनी की सैकड़ों महिलाओं और नागरिकों ने सांसद विजय बघेल, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, दुर्ग कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को लिखित रूप से अवगत कराया है। क्षेत्रीय पार्षद अभिषेक मिश्रा ने भी कॉलोनीवासियों की बैठक में पेट्रोल पंप किसी भी हाल में न खुलने देने का आश्वासन दिया। चंद्रनगर विकास समिति की संयोजक शारदा गुप्ता ने कहा कि पेट्रोल पंप के लिए यहां पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव पहले से तैयार है, सामने ट्रांसफार्मर लगा हुआ है और ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है। ऐसे में पेट्रोल पंप की अनुमति किस आधार पर दी गई, यह गंभीर जांच का विषय है।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि इस विषय को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में आगजनी जैसी कोई घटना होती है तो संकरी सड़क के कारण फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना मुश्किल होगा। पेट्रोल पंप के विरोध में कॉलोनीवासियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी हाल में पेट्रोल पंप को चालू नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में चंद्रनगर विकास समिति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
