स्व. बीरा सिंह के सपनों को आगे बढ़ा रहे इंद्रजीत सिंह, 500 हेलमेट वितरित, 50 से अधिक ने किया रक्तदान

स्व. बीरा सिंह के सपनों को आगे बढ़ा रहे इंद्रजीत सिंह, 500 हेलमेट वितरित, 50 से अधिक ने किया रक्तदान

भिलाई। स्वर्गीय बीरा सिंह के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके पुत्र इंद्रजीत सिंह अपने पिता के समाजसेवा से जुड़े सपनों को साकार कर रहे हैं। इसी क्रम में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत खुर्सीपार गेट स्थित मुख्य कार्यालय में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

दुर्ग परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्व. बीरा सिंह अस्पताल की ओर से ड्राइवरों और हेल्परों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में रक्त जांच, बीपी जांच, आंखों की जांच की गई और 50 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

कार्यक्रम के दौरान 500 से अधिक हेलमेट वितरित किए गए, जिनमें 100 हेलमेट महिलाओं को दिए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए लोकल नाटक का मंचन भी किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूबीएस चौहान, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़, एस. लकड़ा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग, सुखनंदन राठौर एडीशनल एसपी शहर, सत्यप्रकाश तिवारी सीएसपी भिलाई, नशामुक्ति केंद्र से गुरु अजय कल्याणी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त यूबीएस चौहान ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से युवा ट्रांसपोर्टर इंद्रजीत सिंह द्वारा ड्राइवरों और हेल्परों को जागरूक करने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। स्व. बीरा सिंह के विचारों और सपनों को आगे बढ़ाने का कार्य इंद्रजीत कर रहे हैं, इसके लिए उनका और उनके संगठन का आभार है। सड़क सुरक्षा माह में ट्रांसपोर्टरों की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ष सड़क हादसों में करीब 7 हजार लोगों की मौत होती है, जबकि बड़ी संख्या में ये दुर्घटनाएं सावधानी बरतकर रोकी जा सकती हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 40 प्रतिशत मौतें सिर में गंभीर चोट लगने से होती हैं, इसलिए दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट जरूरी है। चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाना चाहिए, नशे में वाहन नहीं चलाना चाहिए और नाबालिगों को वाहन नहीं देना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 5 हजार से 25 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है और अब इसमें किसी प्रकार का पुलिसिया डर नहीं है। समय पर घायल को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सकती है।

कार्यक्रम में जोसफ साजन, समाजसेवी अनिल सिंह, छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के महासचिव गुरनाम सिंह, जोगा राव, सुनील चौधरी, अनिल चौधरी, मलकीत सिंह लल्लू सहित सर्व समाज के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।

इसी कड़ी में यह भी जानकारी दी गई कि आर्यनगर कोहका में 26 जनवरी को सुबह 10:30 बजे “बीरा जी के अंगना” डोमशेड का भव्य लोकार्पण और 100 फीट ऊंचे तिरंगे का ध्वजारोहण किया जाएगा। यह डोमशेड जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा और सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए उपयोग किया जाएगा।