मर चुके व्यक्ति का इलाज कर रहे थे डॉक्टर, भिलाई के बीएम शाह हॉस्पिटल में परिजनों ने किया हंगामा

मर चुके व्यक्ति का इलाज कर रहे थे डॉक्टर, भिलाई के बीएम शाह हॉस्पिटल में परिजनों ने किया हंगामा

भिलाई बीएम शाह हॉस्पिटल में 21 दिन से उपचाराधीन घायल की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनो का आरोप है अस्पताल प्रबंधन अधिक बिल बनाने के लालच में मर चुके युवक को भर्ती करके इलाज कर रहा था। हंगामा कर रहे लोग इतने गुस्से में थे कि उन्हें शांत कराने के लिए सुपेला, वैशाली नगर और छावनी सहित तीन-तीन थानों की पुलिस को बुलाना पड़ा। हंगामा कर रहे अनमोल सिंह ने बताया कि रवि साहू पिता राजेंद्र प्रसाद (22 साल) 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहता है। 1 अगस्त की सुबह पावर हाउस भिलाई के पास कोई अज्ञात वाहन उसे टक्कर मारकर चला गया था। उसके सिर में गहरी चोट आई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए बीएम शाह हॉस्पिटल सुपेला में भर्ती कराया गया था। यहां एमडी न्यूरो सर्जन डॉ. अरविंदो राय ने उसका ऑपरेशन किया। 21 दिन बीत जाने के बाद परिजनों ने डॉक्टर से मरीजों को दूसरी जगह रेफर करने का दबाव बनाया। इसके बाद डॉक्टरों ने रविवार रात 9 बजे के करीब उसे मृत घोषित कर दिया। यह देख परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रवि की मौत पहले हो गई थी। हॉस्पिटल का बिल बढ़ाने के लिए डॉक्टर उसे मरने के बाद भी भर्ती किए रहे। अब बॉडी छोड़ने के एवज में 4 लाख रुपए का बिल भरने की बात कह रहे हैं। जब बीएम शाह की नर्सिंग सुप्रीटेंडेंट गंगा सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रवि की हालत काफी खराब थी। डॉ. अरविंदो राय ने उसके ब्रेन का ऑपरेशन किया था। वह कोमा था। हर दिन उसकी मेडिकल रिपोर्ट परिजनों को बताकर उनकी काउंसलिंग की जाती थी। इतना ही नहीं दो दिन पहले ही डॉक्टर ने परिजनों से कहा था मरीज की हालत काफी गंभीर है। आप चाहो तो उसे दूसरी जगह ले जाओ, लेकिन परिजन यहीं इलाज कराने पर सहमत थे। रविवार 21 अगस्त को रात 8.51 रवि की मौत हुई है। परिजन गलत आरोप लगाकर हंगामा कर रहे हैं। रवि की मौत के बाद सैकड़ों की संख्या लोग पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्हें संभालने के लिए कई थाने की पुलिस पहुंची। तीन घंटे के हंगामे के बाद पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।