कला साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ की बैठक में नई प्रतिभाओं को मंच देने पर जोर

कला साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ की बैठक में नई प्रतिभाओं को मंच देने पर जोर

भिलाई। कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ की बैठक गुरुवार 8 जनवरी को संध्या 7 बजे रविन्द्र निकेतन, कालीबाड़ी, हुडको में हुई। बैठक की शुरुआत हाल ही में दिवंगत वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर और ज्ञानरंजन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को नमन किया।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे अकादमी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मणिमय मुखर्जी ने सभी सदस्यों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य, नाटक, संगीत, नृत्य और सिनेमा समाज की चेतना को समृद्ध करते हैं। अकादमी आने वाले समय में नई ऊर्जा के साथ सार्थक और गुणवत्तापूर्ण सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नई प्रतिभाओं को मंच देने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। अकादमी के अध्यक्ष शक्ति चक्रवर्ती ने वर्ष भर की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और वर्ष 2026 तथा भविष्य की योजनाओं के लिए युवा पीढ़ी को जोड़ते हुए एक सशक्त कोर कमेटी और नए पदाधिकारियों के गठन पर चर्चा की जानकारी दी।

बैठक में आगामी योजनाओं को लेकर सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए। इस दौरान त्रिलोक तिवारी, पवन गुप्ता, जयप्रकाश नायर, अजय विनायक, सुलेमान खान, हरजिंदर सिंह, प्रदीप कुमार मित्रा, शरिता श्रीवास्तव, सुमिता पाटिल, बबलू विश्वास सहित कई सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। सदस्यों ने कार्यक्रमों के स्तर को और बेहतर बनाने, गतिविधियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने, आर्थिक संसाधन विकसित करने और युवाओं व कलाकारों को अधिक संख्या में जोड़ने पर जोर दिया।

इस अवसर पर गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार मनोज रूपड़ा के साथ किए गए कथित अमर्यादित व्यवहार के विरोध में निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव को माननीय राज्यपाल तक भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि वर्ष 2026 में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए संस्कृति विभाग से सहयोग लिया जाएगा। बैठक का समापन कला, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ।