बोरसी की श्रमिक बस्ती में जली शिक्षा की नई लौ, ‘दिशा’ ने बढ़ाया सहयोग का हाथ






भिलाई। शिक्षा वह सशक्त माध्यम है, जो समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करती है। विशेषकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले साधन-विहीन बच्चों के लिए विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की आशा का केंद्र होता है। इन्हीं मूल्यों को आत्मसात करते हुए भिलाई की अग्रणी सामाजिक संस्था “दिशा” ने बोरसी स्थित ‘बीज निगम’ की श्रमिक बस्ती में संचालित एक साधन-विहीन पाठशाला में आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराकर शिक्षा के महत्व को सार्थक रूप से रेखांकित किया।

संस्था के वरिष्ठ सदस्य श्री जी.एस. संधू एवं श्री एस.के. देशोरे के विशेष सहयोग से पाठशाला के संचालक श्री राजेश कुमार सिंह को ब्लैक बोर्ड, डस्टर एवं चाक प्रदान किए गए, जिससे बच्चों को सुव्यवस्थित वातावरण में अध्ययन का अवसर मिल सके। साथ ही बच्चों की पढ़ाई में निरंतर रुचि बनाए रखने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।

कार्यक्रम के दौरान श्री संधू ने कहा कि यदि समाज संगठित होकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाए, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। वहीं श्री देशोरे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह दीपक है, जो अभावों के अंधकार को दूर कर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का प्रकाश फैलाता है।

इस अवसर पर संस्था के श्री जी.एस. संधू, शैलेश देशोरे, सुजीत चक्रवर्ती, जवाहर, रामानुजन राजू, भास्कर देवनाथ, शांतनु दासगुप्ता एवं कल्याण राय उपस्थित रहे। “दिशा” का यह सराहनीय प्रयास केवल संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि समर्पण, सहयोग और संवेदनशीलता से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा सकते हैं।