दुर्ग में 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का समापन, सीआईएसएफ समेत छह टीमों को CM साय ने किया सम्मान






दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य समापन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। पांच दिन तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के राज्यों और केंद्रीय बलों की टीमों ने हिस्सा लिया।

समापन समारोह में प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, कोचों और टीम मैनेजरों से परिचय लिया और उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल दिन-रात कानून व्यवस्था संभालता है, लेकिन खेल के मैदान में भी वही अनुशासन और समर्पण दिखाता है। यही भावना उन्हें हर क्षेत्र में आगे रखती है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि तीरंदाजी यहां की सांस्कृतिक पहचान रही है। गोंड और अन्य आदिवासी समुदाय सदियों से धनुर्विद्या में निपुण रहे हैं। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के पंडरापाट में आर्चरी एकेडमी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिस पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नवा रायपुर में 14 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय आर्चरी एकेडमी और 85 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स भी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये देगी। स्वर्ण पदक पर 3 करोड़, रजत पर 2 करोड़ और कांस्य पर 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हाल ही में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में हुए अंतरराष्ट्रीय मैचों का भी उल्लेख किया गया।
समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी जनजातीय परंपराओं और खेल संस्कृति पर बात रखी। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि ऐसे आयोजन से सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और खेल भावना मजबूत होती है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राजस्थान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, उत्तर प्रदेश, सीमा सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रतियोगिता ध्वज को परंपरा के अनुसार अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड, नई दिल्ली के प्रतिनिधि को सौंपा गया।