दुर्ग नगर निगम की पहल: अब खटालों का गोबर नहीं बहेगा नालियों में, मंदिरों के फूलों का होगा अलग संग्रहण






दुर्ग। शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर पालिक निगम दुर्ग ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। अब खटालों और डेयरियों से निकलने वाला गोबर नालियों में नहीं बहेगा और मंदिरों से निकलने वाले फूल व पूजन सामग्री तालाबों और नदियों में नहीं डाली जाएगी।

महापौर अलका बाघमार ने स्वास्थ्य विभाग प्रभारी नीलेश अग्रवाल, एमआईसी सदस्य देव नारायण चंद्रकार और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में विशेष संग्रहण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

निगम की इस नई व्यवस्था के तहत शहर के सभी खटालों और डेयरियों से गोबर का नियमित संग्रहण किया जाएगा। अब तक कई जगहों पर गोबर नालियों और सड़कों पर बहता दिखता था, जिससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती थी। निगम का दावा है कि इस व्यवस्था से नालियां जाम होने की समस्या भी कम होगी।

इसी तरह, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों से प्रतिदिन फूल और पूजन सामग्री अलग से एकत्रित की जाएगी। पहले ये सामग्री अक्सर तालाबों और नदियों में प्रवाहित कर दी जाती थी, जिससे जल स्रोत प्रदूषित होते थे। अब निगम द्वारा तैयार किया गया विशेष वाहन नियमित रूप से मंदिरों से यह सामग्री उठाएगा, ताकि उसका उचित प्रबंधन किया जा सके।
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ धार्मिक आस्था के सम्मान से भी जुड़ी है। पूजन सामग्री को इधर-उधर फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और शहर के जल स्रोतों को भी संरक्षण मिलेगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग प्रभारी नीलेश अग्रवाल, लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्रकार, मंडल अध्यक्ष कौशल साहू, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।