गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की GST पेनाल्टी, छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी टैक्स कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर स्टेट GST विभाग ने 317 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड पेनाल्टी लगाई है। यह प्रदेश में GST चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

जांच में खुलासा हुआ है कि जुमनानी ने ‘सितार’ ब्रांड के नाम पर प्रतिबंधित तंबाकूयुक्त गुटखे का बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और सप्लाई की। कागजों में खुद को मीठी सुपारी का कारोबारी बताया गया, जिस पर सिर्फ 5 प्रतिशत GST लगता है, जबकि असल में गुटखा बनाया जा रहा था, जिस पर 28 प्रतिशत GST और भारी सेस लागू होता है। इसी खेल से करोड़ों की टैक्स चोरी की गई।

GST विभाग के मुताबिक, जुमनानी रोज़ाना करीब 25 लाख रुपये का अवैध गुटखा बाजार में खपा रहा था। पिछले पांच वर्षों में उसका कारोबार 900 करोड़ रुपये से ज्यादा आंका गया है। यह पूरा नेटवर्क ‘कोमल ट्रेडर्स’ समेत कई फर्मों के जरिए चलाया जा रहा था।
जून 2025 में छापेमारी के दौरान जुमनानी फरार हो गया था। दो महीने बाद सितंबर 2025 में उसे रायपुर से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह बार-बार फैक्ट्रियों की लोकेशन बदलता रहा। दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर के गनियारी, मंकी और भानपुरी जैसे इलाकों में अवैध प्लांट चल रहे थे। कुछ जगहों पर मजदूरों से अमानवीय हालात में काम कराए जाने के सबूत भी मिले हैं।
बताया जा रहा है कि जुमनानी के बेटे सागर जुमनानी के नाम पर भी गोदाम संचालित थे। इन गोदामों में गुटखा निर्माण का कच्चा माल छिपाकर रखा जाता था। परिवार की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि गुरमुख जुमनानी का नाम पहले नशीली दवाओं के मामले में भी सामने आ चुका है। अप्रैल 2023 में भिलाई पुलिस ने उसे NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। तब उसके पास से 1440 नशीले कैप्सूल बरामद हुए थे।
317 करोड़ की पेनाल्टी ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ गुटखे का मामला नहीं, बल्कि संगठित टैक्स चोरी और अवैध नशे के नेटवर्क का बड़ा खुलासा है। एजेंसियों की यह कार्रवाई माफिया तंत्र के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है।

