नगरपालिका के राजस्व अधिकारी के ठिकानों पर एसीबी की रेड, नकदी-जेवरात-वाहन समेत संपत्ति का खुलासा

नगरपालिका के राजस्व अधिकारी के ठिकानों पर एसीबी की रेड, नकदी-जेवरात-वाहन समेत संपत्ति का खुलासा

प्रकाशम/गुंटूर। आंध्र प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने विनुकोंडा नगरपालिका के राजस्व अधिकारी और दर्सी नगरपालिका (प्रकाशम जिला) के कार्यवाहक नगर आयुक्त यादला महेश्वर राव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का मामला दर्ज किया है। मामले के तहत एसीबी ने दर्सी, नरसारावपेट और सत्तेनापल्ली में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान आरोपी के नाम पर तथा मां, पत्नी और बेटे के नाम पर पंजीकृत कई संपत्तियों का पता चला है। इनमें 09 हाउस प्लॉट, 02 रिहायशी फ्लैट और करीब 0.89 एकड़ कृषि भूमि शामिल है।

चल संपत्ति में भी बड़ा खुलासा

तलाशी में एसीबी को बड़ी मात्रा में चल संपत्ति भी मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बरामदगी में शामिल हैं:

नकद करीब ₹2.60 लाख

बैंक बैलेंस करीब ₹55,000

सोना लगभग 729 ग्राम

चांदी लगभग 9.275 किलोग्राम

1 कार

3 मोटरसाइकिलें

कीमती घरेलू सामान व अन्य मूल्यवान वस्तुएं

एसीबी ने बताया कि जब्त दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन जारी है। जांच के दौरान संपत्तियों के स्रोत, आय-व्यय का लेखा-जोखा और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

कैसे हुई नियुक्ति और प्रमोशन का पूरा बैकग्राउंड

एसीबी रिकॉर्ड के अनुसार, यादला महेश्वर राव की नियुक्ति 1998 में अनुकंपा आधार पर नगर प्रशासन विभाग में बिल कलेक्टर के रूप में हुई थी। उनकी पहली पोस्टिंग सत्तेनापल्ली नगरपालिका में रही। इसके बाद उन्हें जूनियर असिस्टेंट पद पर पदोन्नत किया गया और उन्होंने नेल्लोर, चिलकलूरिपेट और नरसारावपेट नगरपालिकाओं में सेवाएं दीं।

बाद में वे सीनियर असिस्टेंट बने और नरसारावपेट तथा विनुकोंडा में कार्यरत रहे। इसके बाद उन्हें राजस्व अधिकारी पद पर पदोन्नति मिली और विनुकोंडा नगरपालिका में पोस्टिंग हुई।

इसके अलावा, वे पिछले 3 वर्षों से विनुकोंडा में राजस्व अधिकारी की जिम्मेदारी के साथ-साथ दर्सी नगरपालिका, प्रकाशम जिला में इन-चार्ज नगर आयुक्त के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।