होली पर दुर्ग पुलिस सख्त: थाना क्षेत्रों में शांति समिति की हुई बैठक, मुखौटा, वार्निश स्प्रे और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल पर भी रोक

होली पर दुर्ग पुलिस सख्त: थाना क्षेत्रों में शांति समिति की हुई बैठक, मुखौटा, वार्निश स्प्रे और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल पर भी रोक

दुर्ग। होली पर्व को लेकर दुर्ग पुलिस ने कमर कस ली है। जिले के 13 थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित कर साफ संदेश दिया गया है कि इस बार हुड़दंग, अवैध शराब बिक्री, नशे में वाहन चलाने और साउंड सिस्टम के नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अंडा, धमधा, बोरी, लिटिया, जेवरा सिरसा, खुरसीपार, पाटन, उतई, पुलगांव, अंजोरा, नगपुरा, कुम्हारी, रानीतराई और सुपेला में बैठक कर जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से समन्वय बनाया गया।

क्या रहेगा फोकस

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। बाइक और चार पहिया वाहनों से लगातार पेट्रोलिंग होगी। जिन इलाकों में पहले चाकूबाजी या गंभीर घटनाएं हुई हैं, वहां खास निगरानी रहेगी।

साउंड सिस्टम और रंगों पर नियम

रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिना अनुमति डीजे या साउंड सिस्टम चलाने पर कार्रवाई होगी। मुखौटा, वार्निश स्प्रे और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। होलिका दहन बिजली तारों के नीचे या नई डामर सड़कों पर नहीं किया जाएगा।

नशे और अवैध कारोबार पर सख्ती

अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री व सेवन पर आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ड्रिंक एंड ड्राइव, तीन सवारी, बिना हेलमेट और तेज रफ्तार वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी और जब्ती कार्रवाई होगी।

गुंडा बदमाशों पर नजर

निगरानी और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को थाने बुलाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की सूची अपडेट कर बाउंड ओवर की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

होली के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग व एसडीआरएफ के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। गहरे तालाबों में गोताखोर तैनात रखने की व्यवस्था भी की जा रही है।