सूदखोरी और गंभीर अपराधों में घिरे हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर गिरफ्तार, 2019 के मामले में स्थायी वारंट पर कार्रवाई

रायपुर में एक बार फिर चर्चित हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर पुलिस की गिरफ्त में है। इस बार गिरफ्तारी 2019 के एक पुराने प्रकरण में अदालत से जारी स्थायी वारंट के आधार पर हुई है। कोतवाली थाना पुलिस ने उसे पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

रोहित तोमर और उसका भाई वीरेंद्र तोमर पहले से ही राजधानी में कई गंभीर मामलों में घिरे रहे हैं। दोनों पर मारपीट, जबरन वसूली, दुष्कर्म और हत्या जैसे करीब दो दर्जन अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2013 के हत्या मामले में उनकी रिव्यू पिटीशन भी हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।

सूदखोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। कार्रवाई शुरू होते ही दोनों फरार हो गए थे। बाद में वीरेंद्र तोमर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि रोहित तोमर पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी दौरान उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत भी मिली थी।
अब बात उस पुराने केस की, जिसमें यह गिरफ्तारी हुई। कोतवाली थाने में वर्ष 2019 में रोहित तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 327, 384 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप मारपीट, जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी से जुड़ा था। पेशी में अनुपस्थित रहने पर अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।
डीसीपी उमेश गुप्ता ने लंबित वारंटों की समीक्षा के दौरान इस मामले को प्राथमिकता दी। एसीपी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
