भिलाई में सामुदायिक भवन को लेकर दो समुदाय में तनाव, पार्षद को रोकना पड़ा भूमिपूजन, पढ़े पूरी खबर

भिलाई में सामुदायिक भवन को लेकर दो समुदाय में तनाव, पार्षद को रोकना पड़ा भूमिपूजन, पढ़े पूरी खबर

भिलाई। सामुदायिक भवन को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और करीब दो घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि दो समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए चर्चा के बाद मामले को शांत कराया। मामला छावनी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 33 संतोषी पारा कैम्प-2 स्थित बेलदार बस्ती में प्रस्तावित सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर गुरुवार को विवाद की स्थिति बन गई। भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। गुरुवार को वार्ड की पार्षद एन. शैलजा द्वारा सामुदायिक भवन के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह सामुदायिक भवन सभी समाज के लोगों के उपयोग के लिए प्रस्तावित है, ताकि क्षेत्रवासी इसमें विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें। पार्षद द्वारा भूमिपूजन के दौरान सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोग मौके पर मौजूद थे। भूमिपूजन के दौरान अचानक बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि भूमिपूजन कार्यक्रम में एक विशेष समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया, जबकि हिन्दू समाज के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसी बात को लेकर मौके पर विवाद बढ़ गया। स्थिति को बिगड़ते देख पार्षद एन. शैलजा ने तत्काल भूमिपूजन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। करीब दो घंटे तक चले वाद-विवाद के बाद दोनों समुदायों के लोगों ने आपसी बातचीत और भाईचारे का परिचय देते हुए मामले को शांत कराया। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

बजरंग दल के मुकेश कुमार सोनकर सहित स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में करीब 40 वर्ष पुराना एक मंदिर स्थित है। मंदिर निर्माण के कुछ वर्षों बाद पास में मस्जिद का निर्माण किया गया। उनका आरोप है कि मस्जिद बनने के बाद से मंदिर और आसपास के क्षेत्र में अवैध कब्जे लगातार बढ़ते गए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि मंदिर के ठीक बगल में सामुदायिक भवन बनने से धार्मिक आयोजनों के दौरान समस्याएं उत्पन्न होंगी। उनका तर्क है कि सामुदायिक भवन में यदि किसी समुदाय द्वारा मांस आदि से जुड़े आयोजन किए गए, तो इससे हिन्दू समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर में समय-समय पर भोग-भंडारा और अन्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। सामुदायिक भवन बनने से जगह की कमी हो जाएगी, जिससे मंदिर के आयोजनों पर असर पड़ेगा। मोहल्लेवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मंदिर और मस्जिद के आसपास हुए अवैध निर्माणों को हटाया जाए और मंदिर परिसर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाए। इस मांग को लेकर 2 फरवरी को जिला कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में भी लिखित ज्ञापन सौंपा जा चुका है।

वहीं वार्ड क्रमांक 33 संतोषी पारा कैम्प-2 के बेलदार बस्ती में सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर हुए विवाद पर मुस्लिम समाज ने भी अपना पक्ष रखा। मुस्लिम समाज की ओर से शेख मुस्ताक ने बताया कि गुरुवार को वार्ड पार्षद द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कार्यक्रम का विरोध किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शेख मुस्ताक ने स्पष्ट किया कि सामुदायिक भवन बने या न बने, मुस्लिम समाज को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सभी समुदाय पिछले करीब 40 वर्षों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रह रहे हैं और अब तक कभी किसी तरह का विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मुद्दे को बातचीत और आपसी समझ से सुलझाया जा सकता है।

एन शैलजा, पार्षद वार्ड-33 संतोषी पारा, कैम्प-2, भिलाई ने बताया कि सार्वजनिक सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया जा रहा था स्थानीय लोगों को भ्रमित कर बताया गया है कि यहां पर मदरसा बन रहा है। इस वजह से विवाद की स्थिति को देखते हुए भूमिपूजन कार्य को रोक दिया गया हमारा संतोषी पारा वार्ड शांति प्रिय वार्ड है। यहां सभी आपस में मिल जुलकर रहते हैं