दुर्ग पुलिस ने 8 चोरियों का किया पर्दाफाश, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव निकला मास्टरमाइंड, 32 लाख का माल बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
मोहन नगर और पद्मनाभपुर क्षेत्र में सूने मकानों को बनाता था निशाना, सोने-चांदी के जेवर फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर लेता था लोन

भिलाई। मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का दुर्ग पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर करीब 32 लाख रुपये का चोरी का माल, दो चारपहिया वाहन, एक दोपहिया वाहन और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में आठ अलग-अलग चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में प्रेम कांफ्रेंस में एएसपी सुखनंदन सिंह राठौर ने कहा कि पिछले कुछ समय से दोनों थाना क्षेत्रों में सूने मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
10 जुलाई की रात नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस को एक सफेद इंडिगो कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक भागने लगा। घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया गया। तलाशी में कार से दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद हुए। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने चोरी की कई घटनाओं का खुलासा कर दिया।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41) पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम करता था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये कमाता था। बाद में उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन ऐप से कर्ज लिया। बढ़ते कर्ज और ब्याज के दबाव में उसने चोरी का रास्ता अपना लिया। वह पहले सूने मकानों की रेकी करता और रात के समय औजारों की मदद से घरों में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान चोरी करता था।
पुलिस ने बताया कि चोरी के सोने के आभूषणों को आरोपी मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस, बजाज गोल्ड फाइनेंस समेत अन्य वित्तीय संस्थानों में गिरवी रखकर ऋण लेता था। इस रकम का उपयोग निवेश और निजी खर्चों में किया जाता था। कुछ राशि उसने अपने साथी तुषार मिश्रा (40) के बैंक खाते में भी ट्रांसफर की थी। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर गिरवी रखे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस ने आरोपियों से करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये), 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त औजार, एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी जब्त की है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 32 लाख रुपये आंकी गई है।
प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार और धनोरा समेत आठ मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस आरोपियों से अन्य मामलों में भी पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से तो नहीं है।
