महामाया मंदिर के प्रसाद पर बड़ा खुलासा, जांच में फेल हुए मोतीचूर के लड्डू

सरकारी लैब रिपोर्ट में एसपार्टेम और सनसेट येलो निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मिले, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई शुरू

महामाया मंदिर के प्रसाद पर बड़ा खुलासा, जांच में फेल हुए मोतीचूर के लड्डू

सरगुजा के अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के बाहर बिक रहे मोतीचूर के लड्डू की सरकारी लैब जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में लड्डू खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर एसपार्टेम (Aspartame) और सिंथेटिक फूड कलर सनसेट येलो (Sunset Yellow) निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मात्रा में पाए गए हैं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और मंदिर परिसर की अन्य दुकानों से भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के बाहर बिक रहे प्रसाद की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी लैब की जांच में मंदिर के सामने स्थित एक दुकान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू खाद्य सुरक्षा मानकों में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर एसपार्टेम और सिंथेटिक फूड कलर सनसेट येलो निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मात्रा में मिले हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, एसपार्टेम की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 1000 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, जबकि जांच में इसकी मात्रा करीब 1700 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई। वहीं, सनसेट येलो की निर्धारित सीमा 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, लेकिन नमूने में इसकी मात्रा करीब 1100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। यह नमूना रामनवमी के दौरान नियमित जांच अभियान में लिया गया था और परीक्षण के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भेजा गया था। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब मंदिर परिसर के आसपास संचालित अन्य प्रसाद दुकानों से भी लड्डू और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। आने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर आप भी मंदिरों या अन्य स्थानों से प्रसाद या मिठाई खरीदते हैं, तो उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता का ध्यान जरूर रखें।