दुर्ग जिले में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों में जब्ती

दुर्ग। जिले के कृषकों के मांग अनुरूप खरीफ 2025 में पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री यथा- उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये कृषि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाते हुये जिले के निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में उर्वरकों की सतत् आपूर्ति हेतु जिले के विक्रय प्रतिष्ठानों का 29 अगस्त 2025 को उर्वरक निरीक्षकों द्वारा विकासखण्ड-दुर्ग के 03 विक्रय प्रतिष्ठानों विकासखण्ड-पाटन के 04 विक्रय प्रतिष्ठानों तथा धमधा के 03 विक्रय प्रतिष्ठानों कुल 10 विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
उप संचालक कृषि के अनुसार निरीक्षण के दौरान आज प्रतिष्ठान के अनुज्ञप्ति पत्र, समस्त दस्तावेज-स्कंध पंजी, बिल बुक, प्रतिष्ठान में विक्रय हेतु उपलब्ध उर्वरकों का पीओएस मशीन से मिलान कर अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत पीओएस स्कंध एवं भौतिक स्कंध में अंतर, बगैर स्त्रोत प्रमाण पत्र के उर्वरक विक्रय, प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित न होना, बिल बुक निर्धारित प्रारूप में न होना, रजिस्टर संधारण अधुरा होना इत्यादि कारणों से विकासखण्ड-दुर्ग के मेसर्स रूद्र कृषि सेवा केन्द्र नगपुरा में 13.35 मि.टन, मेसर्स मधबुन ट्रेडर्स नगपुरा एवं विकासखण्ड-धमधा के मेसर्स देवांगन कृषि केन्द्र जंजगिरी में 02.52 मि.टन, मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी में 41.35 मि.टन उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्डों के उल्लंघन पाये जाने पर कुल 04 विक्रय प्रतिष्ठानों में जब्ती की कार्यवाही की गई उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्डों के उल्लंघन पाये जाने पर कारण बताओं नोटिस जारी कर समाधानकारक जवाब 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया। कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने हेतु कृषि विभाग के अधीनस्थ मैदानी निरीक्षकों को कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों का सतत् निरीक्षण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।