NEET पेपर लीक पर सरकार एक्शन मोड में, फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान, सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में युवाओं के आक्रोश और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को कई बड़े फैसले लिए। सुबह से देर रात तक सरकार ने ताबड़तोड़ घोषणाएं कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का ऐलान किया और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज विभाग का सचिव बनाया गया है। पशुपालन सचिव नरेश गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया, जबकि टी.के. अनिल कुमार को शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वहीं, 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया।
सोनम वांगचुक के अनुसार, पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार वार्ता चल रही थी। वे लिखित आश्वासन मिलने तक अनशन समाप्त नहीं करना चाहते थे। सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार और NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिए जाने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने संयुक्त पत्र लिखकर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की थी। सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि देश की परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा होगी।
