भिलाई में 1007 क्विंटल चावल घोटाले का खुलासा, राशन दुकान का अध्यक्ष गिरफ्तार
ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1034 क्विंटल चावल, मौके पर मिला सिर्फ 26 क्विंटल; खाद्य विभाग की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई

भिलाई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े एक बड़े मामले में भिलाई नगर पुलिस ने सेक्टर-7 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। जांच में दुकान के ऑनलाइन स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक के बीच 1007.51 क्विंटल अरवा चावल की कमी पाए जाने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया।
खाद्य विभाग की शिकायत पर थाना भिलाई नगर में दर्ज मामले के अनुसार, शासकीय उचित मूल्य दुकान, सेक्टर-07 मार्केट भिलाई (दुकान आईडी 431004118) के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत और विक्रेता नमिता सिन्हा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।

जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी
कलेक्टर दुर्ग के आदेश पर गठित जांच समिति ने दुकान का निरीक्षण कर रिकॉर्ड और उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान वितरण पंजी, चावल उत्सव पंजी, बैठक पंजी और बारदाना पंजी तो मिले, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक पंजी उपलब्ध नहीं थी। जब ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया तो बड़ा अंतर सामने आया। जांच के समय दुकान में केवल 26.50 क्विंटल चावल मौजूद था, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 1034.01 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। इस प्रकार कुल 1007.51 क्विंटल चावल की कमी पाई गई।
स्पष्टीकरण नहीं दे सके अध्यक्ष
जांच टीम ने दुकान अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत से चावल की कमी के संबंध में जवाब मांगा, लेकिन वे कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक दस्तावेज और बयान दर्ज किए गए।
नियमों के उल्लंघन की पुष्टि
प्रारंभिक जांच में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कई कंडिकाओं तथा अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि खाद्यान्न का नियमानुसार लेखा-जोखा नहीं रखा गया और ऑनलाइन स्टॉक तथा वास्तविक स्टॉक में गंभीर अंतर था।
अध्यक्ष गिरफ्तार, जांच जारी
खाद्य विभाग की शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 401/2026 के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने धनंजय सिंह राजपूत (63 वर्ष), निवासी सेक्टर-7 भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस और खाद्य विभाग मामले में आगे की जांच कर रहे हैं तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गायब हुआ खाद्यान्न कहां गया और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
