महादेव बेटिंग ऐप पर ED का सबसे बड़ा एक्शन, 940 करोड़ की संपत्तियां जब्त
विकास गर्ग और परिवार की कंपनियां निशाने पर, अब तक 3,800 करोड़ की संपत्तियां अटैच

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक मामले में कुल करीब 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। जानिए ईडी की जांच में क्या खुलासे हुए और कैसे शेल कंपनियों के जरिए कथित तौर पर अवैध धन को वैध बनाया गया।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों की करीब 940 करोड़ 77 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं।

इन संपत्तियों में रिहायशी मकान, भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम यानी PMLA के तहत की गई है।
जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग समेत आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। एजेंसी का दावा है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का नेटवर्क विदेश से संचालित होता था और फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध कमाई की जाती थी।
ईडी का कहना है कि इस धन को शेल कंपनियों और जटिल वित्तीय लेनदेन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि करीब 940 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित राशि विकास गर्ग से जुड़ी संस्थाओं में निवेश की गई।
इससे पहले भी ईडी सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक करीब 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। फिलहाल पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी है।
