बारिश में गिरी स्कूल की छत, बच्चों के सिर पर मौत का साया, जर्जर स्कूलों पर सरकार मौन

भिलाई। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के वृंदा नगर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान कक्षा-कक्ष की छत गिरने की घटना ने दुर्ग जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे के बाद स्कूल को बंद कर विद्यार्थियों को पास के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थानांतरित किया गया, लेकिन वहां भी शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, झाड़-झंखाड़, सांप-बिच्छुओं का खतरा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बताते हुए भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य द्वारा नगर निगम तथा संबंधित विभागों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पार्टी ने दावा किया कि दुर्ग जिले में करीब 2,200 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 159 भवन जर्जर घोषित हो चुके हैं, जबकि 80 विद्यालय पूरी तरह कंडम हैं और उनके पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। इनमें 63 प्राथमिक, 3 माध्यमिक, 11 हाई स्कूल और 3 हायर सेकेंडरी विद्यालय शामिल हैं। जिला प्रशासन 66 जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की अनुमति भी दे चुका है, लेकिन नए शिक्षा सत्र से पहले आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण नहीं कराया गया।
आंकड़ों के अनुसार दुर्ग ब्लॉक में 36, पाटन में 24 और धमधा में 20 विद्यालय अत्यंत खराब स्थिति में हैं। इसके अलावा जिले के कई स्कूलों में पहले भी छत गिरने, भवन क्षतिग्रस्त होने और वैकल्पिक भवनों में पढ़ाई कराने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पाटन के सुरपा विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरा था, चारभाठा में बच्चे एक कमरे में संयुक्त रूप से पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि नेवईभाठा के 200 से अधिक विद्यार्थी दो वर्षों से वैकल्पिक भवन में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी की जांच में कई स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित मिले थे, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पड़ोसी बालोद जिले में छत गिरने से चार छात्र घायल हुए थे और जनवरी 2026 में बलरामपुर में विद्यालय परिसर में स्लैब गिरने से एक छात्र की मौत हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यापक योजना लागू नहीं की।
प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि वृंदा नगर की घटना पूरे दुर्ग जिले की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर है। उनका कहना है कि सुरक्षित भवन, पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि यह सुनिश्चित नहीं किया गया तो शिक्षा का अधिकार केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।
वैशाली नगर विधानसभा संगठन मंत्री बलविंदर सिंह ने वृंदा नगर प्राथमिक शाला के तत्काल पुनर्निर्माण, जिले के सभी 80 कंडम विद्यालयों के निर्माण, 159 जर्जर भवनों की समयबद्ध मरम्मत, रिक्त शिक्षकीय पदों पर भर्ती तथा विद्यालय परिसरों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं कार्यकारी जिलाध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की तो आम आदमी पार्टी विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों के साथ दुर्ग जिले से राज्यव्यापी जनआंदोलन शुरू करेगी। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दे पर अब किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
