सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए नामांकन शुरू
आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, सालभर खुले रहेंगे आवेदन

दुर्ग। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्यों को इस पुरस्कार के व्यापक प्रचार-प्रसार और योग्य उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदान किया जाता है। पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाता है। व्यक्तिगत श्रेणी में प्रशस्ति पत्र एवं पदक तथा संस्थागत श्रेणी में प्रशस्ति पत्र एवं पट्टिका प्रदान की जाती है।

नामांकन पूरे वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं। इसमें स्व-नामांकन और तृतीय पक्ष नामांकन दोनों की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों और संस्थाओं को अवसर मिल सके। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के कारण बाढ़, सूखा, लू, शीत लहर, आकाशीय बिजली, शहरी बाढ़ और औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा शमन, पूर्व चेतावनी प्रणाली और आपदा तैयारी के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के उद्देश्य से यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय निकायों से अपील की है कि वे आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन, आपदा-रोधी अवसंरचना निर्माण, पूर्व चेतावनी प्रसार और सामुदायिक आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं की पहचान कर उनके नामांकन को प्रोत्साहित करें। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से न केवल आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि देशभर में आपदा लचीलेपन को भी मजबूती मिलेगी।
