महादेव बेटिंग ऐप का सह-संस्थापक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी
सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण के कुछ दिन बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई; करोड़ों के हवाला नेटवर्क और छत्तीसगढ़ में कथित संपर्कों की जांच में एजेंसियों को मिल सकती है अहम जानका

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिलने की खबर है। ऐप के सह-संस्थापक और कथित सट्टा सिंडिकेट के प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारतीय जांच एजेंसियों को अनौपचारिक सूत्रों से उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत सरकार को अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। भारत सरकार अब रवि उप्पल को प्रत्यर्पित कर भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई है।
यह घटनाक्रम महादेव बेटिंग ऐप मामले में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले के दूसरे कथित मास्टरमाइंड और रवि उप्पल के कारोबारी साझेदार सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाने में सफलता हासिल की थी। अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर से इस पूरे नेटवर्क की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दुबई से संचालित करता था कथित कारोबार
छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला रवि उप्पल दुबई में रहकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के अवैध कारोबार का संचालन करता था। अक्टूबर 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद उसे रिहा कर दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने जनवरी 2024 में ही UAE से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था।
सैकड़ों करोड़ के हवाला नेटवर्क की अहम कड़ी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के पास वानुअतु के पासपोर्ट भी हैं। बताया जाता है कि भारत से बाहर जाने के बाद दोनों ने ये पासपोर्ट हासिल किए थे। एजेंसियों की जांच में रवि उप्पल की भूमिका कथित तौर पर महादेव सिंडिकेट के सैकड़ों करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन को संभालने में अहम बताई गई है।
छत्तीसगढ़ में संपर्कों की भी होगी जांच
रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसियां छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों के साथ उसके कथित संपर्कों की भी पड़ताल करना चाहती हैं। उससे पूछताछ के जरिए अवैध कमाई की मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क, कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और कथित तौर पर लाभ उठाने वालों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है।
फिलहाल UAE की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का इंतजार है। यदि रवि उप्पल को भारत लाया जाता है तो महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में कई अहम वित्तीय और राजनीतिक कड़ियों से पर्दा उठने की संभावना है।