40 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज वसूली का आरोप, फरार मुख्य आरोपी सीमा यादव गिरफ्तार
ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर रखकर दी जाती थी धमकी, जरूरतमंदों से लाखों रुपये की अवैध वसूली का आरोप; पहले ही तीन आरोपी जा चुके हैं जेल



भिलाई। आर्थिक जरूरतों का फायदा उठाकर लोगों को ऊंची ब्याज दर पर रकम देने और फिर वसूली के नाम पर धमकाने के मामले में वैशाली नगर पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी सीमा यादव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी जरूरतमंद लोगों को 40 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज पर रकम देती थी। सुरक्षा के नाम पर उनके बैंक के ब्लैंक चेक और हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर अपने पास रखती थी। रकम नहीं मिलने पर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने आरोपी को 2 नवंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के मुताबिक, वैशाली नगर निवासी पूनम मनोज कुमार ने 27 अक्टूबर 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थिया ने बताया कि आर्थिक परेशानी के चलते उसने 16 दिसंबर 2024 को सीमा यादव से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बदले 40 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज मांगा गया। सुरक्षा के नाम पर इंडियन बैंक के आठ ब्लैंक चेक और हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर भी रखवा लिए गए।
आरोप है कि प्रार्थिया से प्रति सप्ताह 2500 रुपये के हिसाब से 29 सप्ताह में कुल 72,500 रुपये वसूल किए गए। इसके बावजूद अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। पैसे नहीं देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने तथा बेटी की हत्या करने तक की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, घर से बेघर करने की धमकी देकर भी प्रताड़ित किया जाता था।
सहेली से भी 1.40 लाख रुपये वसूले
शिकायत में एक अन्य पीड़िता सुमिता ताम्बोली का भी उल्लेख है। आरोपियों ने उसे एक लाख रुपये ब्याज पर दिलवाए थे। इसके एवज में आठ ब्लैंक चेक सुरक्षा के नाम पर रखे गए। पुलिस के अनुसार, उससे प्रति सप्ताह पांच हजार रुपये के हिसाब से 28 सप्ताह में कुल 1 लाख 40 हजार रुपये ब्याज के रूप में वसूले गए। इसके बाद भी फोन पर गाली-गलौज और धमकियां दी जाती रहीं।
तलाशी में 3.79 लाख रुपये नगद और दस्तावेज बरामद
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और संबंधित ठिकानों से कुल 3 लाख 79 हजार 900 रुपये नगद बरामद किए। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक, कोरे स्टाम्प पेपर और ब्याज के लेनदेन से संबंधित डायरियां भी जब्त की गईं।
पुलिस के मुताबिक, बबली साहू उर्फ बबली निरंजन के कब्जे से 99,900 रुपये नगद, ब्लैंक चेक, स्टाम्प पेपर और हिसाब-किताब की डायरी मिली। ज्योति निरंजन के पास से ब्याज संबंधी डायरी बरामद हुई। वहीं सीमा यादव के मकान की तलाशी में 2 लाख 80 हजार रुपये नगद, हिसाब-किताब की डायरी, कोरे चेक और स्टाम्प पेपर जब्त किए गए।
पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल
इस प्रकरण में पुलिस ने बबली साहू उर्फ बबली निरंजन और ज्योति निरंजन को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। प्रमोद साहू को भी पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रही मुख्य आरोपी सीमा यादव की तलाश के बाद पुलिस ने 2 नवंबर को दोपहर 1:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 402/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 308(5), 3(5) एवं कर्ज एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है।
ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर देने से बचें
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जरूरत के समय किसी से भी ब्याज पर रकम लेने से पहले ब्याज दर और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी लें। सुरक्षा के नाम पर किसी को ब्लैंक चेक या हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर न दें। अवैध ब्याज वसूली, धमकी या मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल पुलिस से शिकायत करें।