चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट, 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट, 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

विशाखापत्तनम/अमरावती। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा से आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की आशंका जताई है। वहीं, राज्य प्रशासन ने संभावित खतरे से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तटीय क्षेत्रों में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही कई इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है।

बुधवार सुबह तट से टकराने की आशंका

पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के बुधवार सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के आसपास तट से टकराने की आशंका जताई गई है। तूफान की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

एअर इंडिया की उड़ानों पर असर संभव

चक्रवात से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण 27 अक्टूबर को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। एअर इंडिया ने यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जांचने की सलाह दी है। यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलने को भी कहा गया है।

16 जिलों में राहत और बचाव की तैयारी

संभावित चक्रवाती प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के 16 जिलों, 2,460 राजस्व गांवों और 92 शहरी क्षेत्रों को लेकर प्रशासन ने तैयारी की है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 1,763 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। जिला और मंडल स्तर पर 2,907 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जबकि निगरानी और समन्वय के लिए 3,185 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात

जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार, 2,107 स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड इकाइयों में निकासी की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें 11 अत्यधिक जोखिम वाले जिलों में तैनात की गई हैं।