‘देश राग’ महोत्सव का भव्य समापन, 14 प्रतिभागियों को मिला जयापद्मा सम्मान


भिलाई। कला, संस्कृति और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध रंगत से सजे दस दिवसीय ‘देश राग’ महोत्सव का रविवार को भव्य समापन हुआ। नृत्यधाम कला समिति द्वारा आयोजित 21वें ऑल इंडिया फेस्टिवल एंड कॉम्पिटिशन ऑफ आर्ट एंड कल्चर में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 1300 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान भिलाई में कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने लोकनृत्य, भरतनाट्यम, कथक और कुचिपुड़ी जैसी शास्त्रीय नृत्य विधाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को मंच पर जीवंत किया। इसके साथ ही विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दस दिनों तक चले इस आयोजन में कलाकारों ने अपनी कला, साधना और प्रतिभा से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
आयोजन के अंतिम दिन रविवार को प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 29 प्रतिभागियों का चयन किया गया। इन चयनित कलाकारों के बीच भरतनाट्यम, कथक और कुचिपुड़ी की विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कड़े मुकाबले और शानदार प्रस्तुतियों के बाद 14 प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट कला एवं प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित जयापद्मा सम्मान से सम्मानित किया गया।
नृत्यधाम कला समिति की संचालिका डॉ. राखी रॉय ने बताया कि दस दिवसीय इस महोत्सव का उद्देश्य देश की विभिन्न नृत्य एवं कला परंपराओं को एक मंच प्रदान करना और नई पीढ़ी के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है। देश के अलग-अलग हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में कलाकारों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कलाकारों को अपनी कला निखारने, एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और भारतीय पारंपरिक नृत्य विधाओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।