पीएम श्री स्कूल पहुंचे एसपी सूरज सिंह परिहार, विद्यार्थियों को दिया सफलता और संस्कार का मंत्र

भैंसमुंडी स्कूल का किया निरीक्षण, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और मिड-डे मील व्यवस्था का लिया जायजा; मोबाइल और नशे से दूर रहने की दी सीख

पीएम श्री स्कूल पहुंचे एसपी सूरज सिंह परिहार, विद्यार्थियों को दिया सफलता और संस्कार का मंत्र

धमतरी। पुलिस अधीक्षक धमतरी एवं पीएम श्री योजना के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी सूरज सिंह परिहार ने विकासखंड मगरलोड स्थित पीएम श्री स्कूल भैंसमुंडी का निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और लक्ष्यपूर्ण जीवन का महत्व बताते हुए सफलता के मूल मंत्र भी साझा किए। निरीक्षण के दौरान एसपी परिहार ने विद्यालय की भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, ड्रॉपआउट रेशियो, शौचालयों की स्वच्छता, सेनेटरी डिस्पेंसर तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के बाद आयोजित संवादात्मक सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था है। इस दौरान उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और कठिन परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया। साथ ही विद्यार्थियों को माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

अपने प्रेरक संबोधन में श्री परिहार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसिद्ध सूत्र "काक चेष्टा, बको ध्यानम्, श्वान निद्रा" का उल्लेख करते हुए कहा कि एक आदर्श विद्यार्थी में कौए जैसी जिज्ञासा, बगुले जैसी एकाग्रता और श्वान जैसी सतर्कता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा इंटरनेट का उपयोग केवल शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी। एसपी परिहार ने विद्यार्थियों को नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सीख देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ नया सीखने, पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने और खेलकूद व रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, पुलिस अधिकारी, सैनिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने सपने साझा किए। इस पर श्री परिहार ने कहा कि हर मंजिल मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से हासिल की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया।