गदा चौक-सुपेला फ्लाईओवर पर व्यापारी आर-पार के मूड में, सांसद ने दिया साथ, कहा जरूरत पड़ी तो व्यापारियों के साथ बैठेंगे धरने पर

भिलाई। गदा चौक से सुपेला चौक तक प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विरोध अब तेज होता जा रहा है। सोमवार को सुपेला के व्यापारी संघों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सांसद विजय बघेल से मुलाकात कर प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण नहीं कराने की मांग की। प्रतिनिधियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस परियोजना से सुपेला के प्रमुख बाजार और छोटे-बड़े व्यापारियों के कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है। व्यापारियों की आपत्तियों और समस्याओं को सुनने के बाद सांसद विजय बघेल ने भी उनके विरोध का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ी तो वे स्वयं व्यापारियों के साथ धरने पर बैठेंगे। इस दौरान शिवप्रसाद साह, सुरेश राय, सुरेश अग्रवाल, संतोष शर्मा, भरत रमानी, राजेन्द्र खंडेलवाल, सत्यम देवांगन, बंटी नाहर, संजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
व्यापारियों को डर, निर्माण से वर्षों पुराना कारोबार होगा प्रभावित
व्यापारी संगठनों का कहना है कि गदा चौक से सुपेला चौक तक का मार्ग भिलाई के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। सड़क के दोनों ओर लंबे समय से छोटे और मध्यम व्यापारी दुकानें संचालित कर रहे हैं। इन दुकानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। व्यापारियों का तर्क है कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान लंबे समय तक सड़क की यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी। निर्माण कार्य के लिए बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं के कारण दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच मुश्किल हो सकती है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि छोटे दुकानदारों के पास लंबे समय तक कारोबार प्रभावित होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान सहने की क्षमता नहीं है। कई परिवारों की रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों से चलती है। ऐसे में किसी भी बड़े निर्माण से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए।
सुपेला बाजार की पहचान पर भी संकट की आशंका
व्यापारियों ने कहा कि सुपेला केवल एक सड़क या चौराहा नहीं, बल्कि आसपास के बड़े इलाके के लिए प्रमुख बाजार केंद्र है। यहां कपड़े, होजरी, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, खान-पान और अन्य जरूरी सामान की दुकानें हैं। गदा चौक से सुपेला तक प्रस्तावित फ्लाईओवर बनने के बाद यदि मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही ऊपर से होने लगी तो व्यापारियों को आशंका है कि बाजार की ओर आने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। दुकानों तक सीधे पहुंचने में परेशानी बढ़ने पर ग्राहक दूसरे बाजारों का रुख कर सकते हैं।
सवाल: जब सड़क चौड़ी है तो फ्लाईओवर की जरूरत क्यों?
व्यापारी संगठनों ने परियोजना की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। संगठनों के मुताबिक सुपेला से गदा चौक के बीच कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई करीब 100 से 150 फीट तक है। उनका कहना है कि इतनी चौड़ी सड़क होने के बावजूद फ्लाईओवर की जरूरत को लेकर विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने यह भी बताया कि सुपेला चौक पर पहले से फ्लाईओवर मौजूद है और रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज का निर्माण भी हो चुका है। ऐसे में उनका सवाल है कि जब क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के लिए पहले ही बड़े निर्माण किए जा चुके हैं और सड़क की चौड़ाई भी पर्याप्त है, तो गदा चौक से सुपेला के बीच एक और बड़े फ्लाईओवर की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है?
सांसद से कहा, व्यापार बचाइए
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने सांसद के सामने व्यापारियों की समस्याओं को विस्तार से रखा। उनका कहना था कि विकास कार्यों का विरोध करना उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन ऐसा विकास भी स्वीकार्य नहीं हो सकता जिससे वर्षों से स्थापित बाजार और हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो। व्यापारियों ने मांग की कि परियोजना पर अंतिम निर्णय लेने से पहले स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और प्रभावित संस्थाओं से चर्चा की जाए। साथ ही यातायात विशेषज्ञों से क्षेत्र का अध्ययन कराकर यह देखा जाए कि फ्लाईओवर वास्तव में जरूरी है या मौजूदा सड़क व्यवस्था में सुधार कर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने भी जताई आपत्ति
प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर श्री गुरु सिंघ सभा सुपेला ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। संस्था का कहना है कि गुरुद्वारा भिलाई के मध्य क्षेत्र में स्थित है और यहां सभी वर्गों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। गुरुद्वारा के सामने सड़क की चौड़ाई करीब 100 फीट बताई गई है। प्रबंधन का कहना है कि फ्लाईओवर बनने की स्थिति में सड़क और आसपास का क्षेत्र संकरा हो सकता है। इससे यातायात व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।
संस्था ने परियोजना पर पुनर्विचार करने और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लेने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में गणेश मार्केट सुपेला व्यापारी संघ, होलसेल होजरी रेडीमेड एंड क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, श्री गुरु सिंघ सभा सुपेला और मस्जिद नूर सुपेला सहित अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।
सरकारी राशि खर्च करने पर भी उठाए सवाल
व्यापारी संगठनों ने फ्लाईओवर की लागत और सरकारी राशि खर्च किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यदि मौजूदा सड़क की चौड़ाई और क्षेत्र में पहले से मौजूद यातायात सुविधाओं के बावजूद फ्लाईओवर की आवश्यकता स्पष्ट नहीं है, तो परियोजना की उपयोगिता का दोबारा आकलन किया जाना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि सरकारी धन किसी भी परियोजना पर खर्च करने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसका वास्तविक लाभ जनता को कितना मिलेगा। यदि निर्माण के कारण व्यापारियों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी होती है, तो विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
अब विरोध और तेज होने के संकेत
सांसद विजय बघेल के समर्थन के बाद व्यापारियों के विरोध को राजनीतिक समर्थन भी मिलता दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और धरना देने की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
