सागर के कत्लखाने ले जाए जा रहे 15 मवेशी जब्त, यूपी के दो तस्कर गिरफ्तार

दुर्ग। मवेशियों के अवैध परिवहन और तस्करी के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना धमधा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नंदिनी क्षेत्र से मध्य प्रदेश के सागर स्थित कत्लखाने ले जाए जा रहे 15 मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त एक आइसर वाहन को जब्त करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड के पास नाकेबंदी
पुलिस को मुखबिर और स्थानीय गौसेवकों से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक आइसर वाहन में भारी संख्या में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर कत्लखाने ले जाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही धमधा पुलिस की टीम ने बस स्टैंड स्थित साहू होटल के पास रणनीतिक घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध आइसर वाहन (क्रमांक UP 83 ET 3857) वहां पहुंचा, पुलिस और गौसेवकों ने उसे रोकने का प्रयास किया। चालक ने वाहन भगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों तरफ से घेरकर उसे धर दबोचा। इस दौरान मौके पर तनाव और चक्काजाम की स्थिति भी बनी, जिसे पुलिस ने तुरंत नियंत्रित कर यातायात बहाल कराया।
हरे तिरपाल के नीचे छिपाई गई थी क्रूरता
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिसकर्मी दंग रह गए। डाले को हरे रंग की तिरपाल से ढका गया था और भीतर 12 नग भैंस एवं 3 नग पड़वा (कुल 15 मवेशी) बिना पर्याप्त चारा-पानी के बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे। प्राथमिक पूछताछ में पकड़े गए तस्करों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को नंदिनी क्षेत्र से लोड कर सागर (मध्य प्रदेश) स्थित कत्लखाने ले जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- शिवशंकर (उम्र 35 वर्ष): निवासी ग्राम खेरिया सिकमी गोहाना, थाना फरिहा, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- परविंद कुमार (उम्र 42 वर्ष): निवासी ग्राम खेरिया सिकमी गोहाना, थाना फरिहा, जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश)।
जब्त सामग्री एवं स्वास्थ्य परीक्षण
वाहन: आइसर वाहन क्रमांक UP 83 ET 3857 (अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹21.90 लाख)।
मवेशी: 12 नग भैंस एवं 03 नग पड़वा (कुल 15 मवेशी)।
सभी मवेशियों का तत्काल पशु चिकित्सालय धमधा में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उन्हें सुरक्षित देखरेख में भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
