कुचिपुड़ी से मोहिनी अट्टम तक, ‘देश राग’ के मंच पर दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, भिलाई में देशभर के कलाकारों का संगम









भिलाई। कला, संस्कृति और प्रतिभा के अनूठे संगम ‘देश राग’ में इन दिनों भिलाई देशभर के कलाकारों की मेजबानी कर रहा है। नृत्यधाम कला समिति की ओर से आयोजित 21वें ऑल इंडिया फेस्टिवल एंड कॉम्पिटिशन ऑफ आर्ट एंड कल्चर में अब तक करीब 1300 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। 24 अक्टूबर से शुरू हुआ यह नौ दिवसीय आयोजन एक नवंबर तक चलेगा। बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों ने मंच पर भारतीय संस्कृति के रंग बिखेरे। अंतिम दिवस श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों को जयपद्मा अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
नृत्यधाम कला समिति की संचालक डॉ. राखी रॉय और सह संचालक ऐश्वर्या कापसे रॉय ने बताया कि ‘देश राग’ में छत्तीसगढ़ के अलावा कोलकाता, यवतमाल, ओडिशा, महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार और प्रतिभागी हिस्सा लेने पहुंचे हैं। आयोजन में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। नृत्य, संगीत, वाद्य और चित्रकला की अलग-अलग विधाओं में आयोजित प्रतियोगिताएं कलाकारों को अपनी कला निखारने के साथ राष्ट्रीय स्तर के मंच पर पहचान बनाने का अवसर दे रही हैं। शनिवार को प्रतिभागियों ने कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक और मोहिनी अट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्य रूपों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध पद संचालन और आकर्षक अभिव्यक्ति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था। बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे।
प्रतिदिन विजेताओं का सम्मान, अंतिम दिन मिलेगा जयपद्मा अवार्ड
इस महोत्सव में केवल नृत्य ही नहीं, बल्कि संगीत, तबला, अन्य वाद्य यंत्रों, ड्राइंग और पेंटिंग जैसी विधाओं को भी शामिल किया गया है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवा कलाकारों को अपनी कला का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायकों के सामने कराने का मौका भी मिल रहा है। नृत्यधाम कला समिति की संचालक डॉ. राखी रॉय ने बताया कि ‘देश राग’ का यह 21वां वर्ष है। आयोजन के प्रति प्रतिभागियों में उत्साह है और अब तक करीब 1300 पंजीयन हो चुके हैं। शनिवार को पहले दिन लगभग 200 प्रतिभागियों ने अलग-अलग विधाओं में प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान प्रतिदिन विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, अंतिम दिन प्रत्येक विधा में सर्वश्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों को ‘जयपद्मा अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा।
दो स्थानों पर हो रही प्रतियोगिताएं
नौ दिवसीय आयोजन एसएनजी विद्या भवन, सेक्टर-4 और अयप्पा मंदिर, सेक्टर-2 में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में टीना अधिकारी, ऋषिकेश पोहनकर, चेतन बोरकर, प्रिया मुखर्जी और जुगराज बाघ अपनी भूमिका निभाएंगे। ‘देश राग’ के माध्यम से नृत्यधाम कला समिति कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित कर रही है। एक नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में आगामी दिनों में भी विभिन्न विधाओं की प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन का समापन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के सम्मान के साथ होगा।
