सुपेला गदा चौक की शराब दुकान हटाने की मांग तेज, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
पांच साल से चल रहा विरोध, अंग्रेजी शराब दुकान हटने के बाद देशी शराब दुकान में बढ़ी भीड़ का दावा; समिति ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी

भिलाई। सुपेला गदा चौक स्थित देशी शराब दुकान को हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। जनहित संघर्ष समिति ने संरक्षक कन्हैया सोनी के नेतृत्व में नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान को जल्द हटाने की मांग की। समिति के प्रतिनिधिमंडल को आयुक्त ने आश्वासन दिया कि शराब दुकान हटाने की प्रक्रिया जारी है और इसे शीघ्र हटाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद समिति ने आयुक्त का आभार जताया, लेकिन क्षेत्र में लंबे समय से आंदोलन कर रहे लोगों ने मांग पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।
पांच साल से चल रहा आंदोलन, अब तक नहीं हटी देशी शराब दुकान
जनहित संघर्ष समिति और युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, सुपेला गदा चौक स्थित शराब दुकान को हटाने के लिए वर्ष 2021 से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान ज्ञापन सौंपने, धरना-प्रदर्शन, मशाल जुलूस और मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए पदयात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। संगठन का दावा है कि शराब दुकान हटाने की मांग के समर्थन में करीब चार हजार लोगों ने हस्ताक्षर भी किए थे। आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार विरोध और शिकायतों के बाद अंग्रेजी शराब दुकान को वहां से हटा दिया गया, लेकिन देशी शराब दुकान अब भी संचालित है। उनका आरोप है कि अंग्रेजी शराब दुकान हटने के बाद देशी शराब दुकान में भीड़ बढ़ गई है, जिससे आसपास के निवासियों और व्यापारियों की परेशानी कम नहीं हुई है।
व्यस्त मार्ग पर शराबियों के जमावड़े से परेशानी का आरोप
युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष मदन सेन ने कहा कि सुपेला चौक से गदा चौक जाने वाला मार्ग शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से कोहका, स्मृति नगर, शांति नगर और वैशाली नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों का नियमित आवागमन होता है। इसके अलावा कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, स्कूली बच्चों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। संगठन का आरोप है कि शराब दुकान के आसपास सड़क तक लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। कुछ लोग सड़क किनारे शराब पीते हैं, गाली-गलौज करते हैं और इस्तेमाल किए गए डिस्पोजल सड़क पर फेंक देते हैं। इससे राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि सड़क पर भीड़ और अव्यवस्था के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
महिलाओं, बच्चों और व्यापारियों की परेशानी का हवाला
स्थानीय लोगों की शिकायतों का हवाला देते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्य मार्ग पर शराब दुकान होने से आसपास के परिवारों और व्यापारियों को असुविधा होती है। उनके अनुसार, महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते से गुजरते समय असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस और दमकल वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जहां आम नागरिकों के आवागमन और आसपास के रहवासियों को परेशानी न हो। उनका कहना है कि दुकान के स्थान को लेकर निर्णय लेते समय यातायात, सार्वजनिक सुरक्षा और स्थानीय आबादी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
शराब दुकानों के लिए अलग स्थान तय करने की मांग
युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष मदन सेन ने मांग रखी कि जिस तरह क्षेत्र की डेयरियों को एक स्थान पर व्यवस्थित कर गोकुलधाम बनाया जा सकता है, उसी तरह शराब दुकानों के लिए भी अलग स्थान निर्धारित किया जाए। संगठन ने इसके लिए ‘भट्टीपारा’ जैसी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया, ताकि शराब दुकानों का संचालन आबादी और व्यस्त सार्वजनिक मार्गों से दूर किया जा सके। संयोजक शारदा गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद मांग पूरी नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों को लगातार लोगों के सवालों और नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
आश्वासन के बाद भी आंदोलनकारियों ने दी चेतावनी
मदन सेन के अनुसार, शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर संगठन की ओर से विभिन्न जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। धरना-प्रदर्शन और मशाल जुलूस के माध्यम से भी विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मांग उठाए जाने के बावजूद देशी शराब दुकान नहीं हटने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निकट भविष्य में शराब दुकान को हटाने के संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो एक बार फिर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम आयुक्त की ओर से प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों को प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समिति के पदाधिकारी
नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के दौरान जनहित संघर्ष समिति के संरक्षक कन्हैया सोनी, बंटी नाहर, राजेश केसरवानी, विनोद उपाध्याय और निशु पांडे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष मदन सेन, शारदा गुप्ता और पारस जंघेल सहित अन्य पदाधिकारी भी लगातार सक्रिय रहे हैं। समिति ने दोहराया कि उसका उद्देश्य व्यस्त मार्ग पर आम नागरिकों की आवाजाही को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। अब देखना होगा कि शराब दुकान हटाने की मांग पर प्रशासन कब तक ठोस निर्णय लेता है।
मांग करने वाले में प्रमुख रूप से अध्यक्ष मदन सेन शारदा गुप्ता, पारस जंघेल जुनेब खान , पूर्व पार्षद राजेश प्रधान पूर्व पार्षद दीपक भोंडकर अमिताभ भट्टाचार्य नीशु पांडे बंटी नाहर सुनील शर्मा भारती बेन पिंकू तिवारी , प्रदीप पांडे धनेश्वर चौहान , टिंकू प्रशांत क्षीरसागर मणि वर्मा , रमेश देशमुख अजय प्रसाद नारायण सोनी जहांगीर हुसैन योगेश यादव श्रेयांश साहू मुकेश नेताम माला ठाकुर बबलू तांडी गंगा प्रसाद मंडावी वंशराज चौधरी दिनेश चंद्र सुंदर जायसवाल मूलचंद जायसवाल भीमसेन राय लोकेश बंछोर टिकेश्वर साहू रूपलाल वर्मा गंगाबाई मालती रेशम लता साहू कौशल्या कविता मेश्राम इंदु मेश्राम सेवती देवी है। ज्ञापन सौंपने वालों में जनहित संघर्ष समिति के संरक्षक कन्हैया सोनी, बंटी नाहर राजेश केसरवानी, विनोद उपाध्याय, निशु पांडे सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।