सुपेला घड़ी चौक पर भैंस और उसके बच्चे का क्रूरतापूर्वक परिवहन, महाराष्ट्र के तीन आरोपी गिरफ्तार
बुलेरो पिकअप में रस्सियों से बांधकर ले जाए जा रहे थे मवेशी, दाना-पानी की व्यवस्था भी नहीं मिली; वाहन सहित भैंस और उसका बच्चा बरामद









भिलाई। सुपेला घड़ी चौक पर मवेशियों के क्रूरतापूर्वक परिवहन का मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने बिना परिवहन संबंधी वैध दस्तावेजों के बुलेरो पिकअप में भैंस और उसके बच्चे को ले जा रहे महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वाहन सहित दोनों मवेशियों को बरामद कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 11 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4 बजे की है। खुर्सीपार गौशाला से लौट रहे युवराज साहू ने सुपेला घड़ी चौक के पास बुलेरो पिकअप क्रमांक MH 35 AJ 5459 में भैंस और उसके बच्चे को ले जाते हुए देखा। वाहन सिग्नल पर रुका तो उन्होंने उसमें सवार लोगों से पूछताछ की। आरोपियों ने मवेशियों को महाराष्ट्र के गोंदिया ले जाने की बात कही, लेकिन परिवहन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद युवराज साहू ने विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला गौरक्षक प्रमुख रवि साहू को सूचना दी। सूचना मिलने पर रवि साहू, रवि वर्मा और राहुल शाह मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन को रुकवाया गया। जांच के दौरान पिकअप में करीब छह वर्ष की एक भैंस और लगभग एक वर्ष का उसका बच्चा रस्सियों से बंधे मिले। पुलिस के मुताबिक, वाहन में मवेशियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।
तीनों आरोपी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के निवासी
प्रार्थी की लिखित शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1536/2026 दर्ज किया। मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद तावड़े (34), रामेश्वर भुरकन बिसने उर्फ विरेन्द्र (45) और प्रवीण डिलेश्वर बिसने (25), तीनों निवासी ग्राम बामनी, थाना गोरेगांव, जिला गोंदिया, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। पुलिस ने बुलेरो पिकअप और दोनों मवेशियों को बरामद किया है। कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश तिवारी, आरक्षक कमल साहू और मनोज सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
