भिलाई के दो मेडिकल स्टोर में मिली अनियमितताएं, क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अधूरे और फार्मासिस्ट भी नदारद

नारकोटिक नियंत्रण विभाग और औषधि प्रशासन की संयुक्त जांच, पांच मेडिकल स्टोर की हुई पड़ताल

भिलाई के दो मेडिकल स्टोर में मिली अनियमितताएं, क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अधूरे और फार्मासिस्ट भी नदारद

दुर्ग। नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री में नियमों के पालन की जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन दुर्ग और नारकोटिक नियंत्रण विभाग रायपुर की संयुक्त टीम ने दुर्ग और भिलाई के पांच मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान भिलाई के दो मेडिकल स्टोर में अनियमितताएं सामने आईं। यहां दवाओं के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड नियमानुसार नहीं मिले और पंजीकृत फार्मासिस्ट भी अनुपस्थित पाए गए।

जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को संयुक्त जांच दल ने नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की।

दो मेडिकल स्टोर पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

जांच के दौरान कैंप-01, सड़क नंबर 18 स्थित मेसर्स जनता मेडिकल स्टोर्स और पावर हाउस के शास्त्री मार्केट स्थित मेसर्स देवांगन मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड नियमानुसार नहीं पाए गए। इसके अलावा, दोनों प्रतिष्ठानों में पंजीकृत फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। सहायक औषधि नियंत्रक संजय सिंह के अनुसार, दोनों मेडिकल स्टोर के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तीन मेडिकल स्टोर में संचालन मिला नियमानुसार

संयुक्त जांच दल ने तीन अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। इनमें रामनगर, भिलाई स्थित मेसर्स स्पर्श हॉस्पिटल फार्मेसी, नंदिनी रोड-पावर हाउस स्थित मेसर्स श्याम मेडिकल्स और दुर्ग स्थित साईं कामना एजेंसी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन तीनों मेडिकल स्टोर का संचालन नियमानुसार पाया गया।

संयुक्त टीम ने की जांच

कार्रवाई में औषधि निरीक्षक विष्णु प्रसाद साहू, चंद्रकला ठाकुर और जगेश्वरी साहू के साथ नारकोटिक नियंत्रण विभाग रायपुर के निरीक्षक त्रिलोक कुमार तथा उपनिरीक्षक अंकित मीणा शामिल रहे।